UP Crime: प्यार में धोखा मिला तो प्रेमी ने नाबालिग को मौत के घाट उतारा, कुशीनगर में सनसनी
यूपी: प्रेम प्रसंग में नाबालिग की बेरहमी से हत्या, आरोपी गिरफ्तार
उत्तर प्रदेश (UP Crime) के कुशीनगर जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां एक 15 वर्षीय नाबालिग लड़की को उसके ही प्रेमी ने मौत के घाट उतार दिया। पुलिस ने 48 घंटे के भीतर सनसनीखेज हत्या का खुलासा कर दिया। यह वारदात न सिर्फ इलाके में चर्चा का विषय बनी बल्कि प्रेम प्रसंग के नाम पर की जाने वाली खौफनाक घटनाओं पर भी सवाल खड़े कर गई।
मामला कैसे शुरू हुआ?
16 अगस्त की सुबह ग्राम मोरवन (थाना रामकोला क्षेत्र) की पुलिया के नीचे स्थानीय लोगों को एक किशोरी का शव दिखाई दिया। देखते ही देखते पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। मृतका की उम्र करीब 15 साल थी। पुलिस को घटना की सूचना दी गई और तत्काल मौके पर थाना प्रभारी के साथ-साथ अन्य अधिकारी पहुंचे। शव की हालत देखकर साफ था कि लड़की की हत्या की गई है।
पुलिस की सक्रियता और केस दर्ज
शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। रिपोर्ट में यह पुष्टि हुई कि किशोरी की मौत गले और शरीर पर चाकू के गंभीर घावों के कारण हुई है। इसके बाद पुलिस ने मुकदमा अपराध संख्या 350/2025 धारा 137(2)/103(1)/238/3(5) बीएनएस तथा 3(2)v एससी/एसटी एक्ट के तहत दर्ज कर जांच शुरू की।
एसपी संतोष कुमार मिश्रा ने मामले को बेहद गंभीर मानते हुए तुरंत एक विशेष टीम गठित की और निर्देश दिया कि घटना का खुलासा जल्द से जल्द किया जाए।
UP Crime: 48 घंटे में बड़ा खुलासा
तकनीकी जांच और मानवीय सूचनाओं के आधार पर पुलिस ने 18 अगस्त को दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों में निलेश शर्मा उर्फ छोटू, पुत्र जितेंद्र निवासी भूषण कॉलोनी, वार्ड नंबर 6 कस्बा रामकोला, और उसका साथी प्रिंस कुमार, पुत्र नंदू हरिजन निवासी बैरिया, थाना रामकोला शामिल हैं।
पुलिस ने उनके पास से हत्या में प्रयुक्त चाकू और एक मोटरसाइकिल (यूपी 57 बीडब्ल्यू 6612) बरामद की।
प्रेम कहानी का काला सच
पुलिस जांच में सामने आया कि मृतका और आरोपी निलेश शर्मा के बीच प्रेम संबंध थे। दोनों अक्सर मिलते-जुलते थे। लेकिन कुछ दिनों पहले निलेश को यह शक हो गया कि लड़की किसी और युवक से भी बातचीत कर रही है। यही शक उसके गुस्से और आक्रोश का कारण बना।
घटना वाले दिन निलेश ने किशोरी को मिलने के लिए बुलाया। वहां दोनों के बीच जमकर बहस हुई। इस दौरान निलेश ने पागलपन की हद पार करते हुए चाकू से उस पर कई वार कर दिए, जिससे लड़की की मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद उसने अपने साथी प्रिंस के साथ मिलकर शव को पास की पुलिया के नीचे फेंक दिया ताकि वारदात को छुपाया जा सके।
हत्या से मचा हड़कंप
किशोरी की हत्या ने पूरे क्षेत्र को हिला कर रख दिया। लोग हैरान थे कि एक मासूम प्रेम कहानी इतनी खौफनाक परिणति तक कैसे पहुंच सकती है। मृतका के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं, इलाके में पुलिस की सक्रियता की चर्चा हो रही है क्योंकि मात्र 48 घंटे में पूरे मामले का खुलासा कर दिया गया।
गिरफ्तारी में शामिल पुलिस टीम
इस पूरे ऑपरेशन में थाना प्रभारी राज प्रकाश सिंह, उपनिरीक्षक अनिल यादव, कांस्टेबल रवि यादव, रविंद्र चौहान, दीपक यादव और विजय कुमार शामिल रहे। टीम की तत्परता और तेजी से काम करने की वजह से मामले का खुलासा समय पर हो गया और दोनों आरोपी सलाखों के पीछे पहुंच गए।
समाज के लिए सबक
यह घटना एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करती है कि प्रेम प्रसंग में संदेह, अविश्वास और गुस्से के कारण कैसे एक इंसान की जिंदगी खत्म हो सकती है। किशोरावस्था में लिया गया गलत कदम न सिर्फ दो परिवारों को तबाह कर देता है बल्कि समाज में भी भय और असुरक्षा का माहौल पैदा कर देता है।
निष्कर्ष
कुशीनगर की यह वारदात (UP Crime) बताती है कि प्यार के रिश्ते में जब भरोसा और संयम खत्म हो जाता है तो उसका अंजाम कितना भयानक हो सकता है। पुलिस की तत्परता ने आरोपियों को पकड़कर न्याय दिलाने की दिशा में कदम बढ़ाया है, लेकिन यह सवाल अभी भी बरकरार है कि आखिर समाज में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए और क्या कदम उठाए जाने चाहिए।

