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भारत ने इंग्लैंड के मुँह से छीनी जीत: ओवल टेस्ट में 6 रन से रोमांचक जीत, सीरीज़ 2-2 से बराबर

भारत बनाम इंग्लैंड ओवल टेस्ट 2025 क्रिकेट प्रेमियों के लिए एक यादगार रोमांच साबित हुआ। भारत ने आखिरी दिन इंग्लैंड को 6 रन से हराकर सिरीज़ 2-2 से बराबर की।

भारत और इंग्लैंड के बीच खेली जा रही 5 टेस्ट मैचों की सिरीज़ का पांचवां और अंतिम मुकाबला लंदन के ओवल मैदान पर खेला गया, जो क्रिकेट प्रेमियों के लिए एक रोमांचक और सांसें थाम देने वाला अनुभव बन गया। मैच के आखिरी दिन इंग्लैंड 374 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए 367 रनों पर ढेर हो गया और भारत ने मुकाबला 6 रन से अपने नाम कर लिया। इसी के साथ सीरीज़ 2-2 की बराबरी पर समाप्त हुई।

टेस्ट क्रिकेट का असली रोमांच

इस मुकाबले ने एक बार फिर साबित कर दिया कि टेस्ट क्रिकेट क्यों “क्रिकेट का असली रूप” कहलाता है। कभी इंग्लैंड जीत की तरफ बढ़ता नजर आया, तो कभी भारत का पलड़ा भारी रहा। लेकिन आखिरी पलों में मोहम्मद सिराज ने बाज़ी पलट दी और भारत को ऐतिहासिक जीत दिलाई।

सिराज का करिश्मा, बने हीरो

मैच के आखिरी दिन जब इंग्लैंड को जीत के लिए 7 रन चाहिए थे और भारत को 1 विकेट, तब सिराज ने खतरनाक बल्लेबाज़ गस एटकिंसन के स्टंप उड़ा दिए। इससे पहले उन्होंने दिन की शुरुआत में ही तीन अहम विकेट झटके थे और पूरे मैच में 9 विकेट चटकाकर ‘मैन ऑफ द मैच’ का खिताब भी जीता। खास बात यह रही कि सिराज को हैरी ब्रुक का कैच पकड़ने के बाद बाउंड्री लाइन पार करने पर आलोचना झेलनी पड़ी थी, लेकिन उन्होंने उसी मैच में शानदार गेंदबाज़ी कर आलोचकों को जवाब दे दिया।

प्रसिद्ध कृष्णा का योगदान

तेज़ गेंदबाज़ प्रसिद्ध कृष्णा ने भी सिराज का भरपूर साथ निभाया। उन्होंने दोनों पारियों में चार-चार विकेट लेकर इंग्लैंड की बल्लेबाज़ी को झकझोर दिया। पहली पारी में इंग्लैंड को केवल 23 रनों की मामूली बढ़त लेने दी, जो इस टेस्ट में निर्णायक साबित हुई।

भारत की दूसरी पारी में धमाका

भारत ने दूसरी पारी में जबरदस्त बल्लेबाज़ी करते हुए 396 रन बनाए। यशस्वी जायसवाल ने 118 रनों की शतकीय पारी खेली, वहीं आकाशदीप, रविंद्र जडेजा और वॉशिंगटन सुंदर ने भी अर्धशतक जड़कर टीम को मज़बूत स्थिति में पहुंचा दिया। इसके चलते भारत इंग्लैंड को 374 रनों का चुनौतीपूर्ण लक्ष्य देने में सफल रहा।

इंग्लैंड की लड़ाई, ब्रुक और रूट ने किया कमाल

चौथे दिन लंच से पहले इंग्लैंड की शुरुआत डगमगाई हुई थी और स्कोर 3 विकेट पर 106 रन था। लेकिन इसके बाद जो रूट और हैरी ब्रुक ने भारतीय गेंदबाज़ों पर दबाव बनाना शुरू कर दिया। दोनों ने चौथे विकेट के लिए 195 रनों की साझेदारी की। ब्रुक ने 111 और रूट ने 105 रनों की शानदार पारी खेली।

पलटा मैच: हैरी ब्रुक का जीवनदान

इस मैच का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट तब आया जब प्रसिद्ध कृष्णा की गेंद पर हैरी ब्रुक का कैच मोहम्मद सिराज ने पकड़ा, लेकिन संतुलन बिगड़ने की वजह से उनका पैर बाउंड्री से टकरा गया और वह कैच छूट गया। उस समय ब्रुक 19 रन पर थे और भारत को उनकी आक्रामक पारी का खामियाजा भुगतना पड़ा। हालांकि बाद में ब्रुक 111 रन बनाकर आउट हुए, लेकिन तब तक इंग्लैंड काफी करीब पहुंच चुका था।

सिराज ने की वापसी, जीत भारत के नाम

इंग्लैंड को जब जीत के लिए महज 15 रन चाहिए थे और 2 विकेट बाकी थे, तब सिराज ने पहले मार्क वुड को चलता किया और फिर एटकिंसन को क्लीन बोल्ड कर भारत को ऐतिहासिक जीत दिलाई।

सिरीज़ के नायक: शुभमन गिल और हैरी ब्रुक

पूरी सिरीज़ में भारत के कप्तान शुभमन गिल और इंग्लैंड के हैरी ब्रुक सबसे चमकते सितारे रहे। दोनों को संयुक्त रूप से ‘प्लेयर ऑफ द सीरीज़’ घोषित किया गया।

शुभमन गिल ने 10 पारियों में 75.40 के औसत से 754 रन बनाए। वो एक सिरीज़ में सबसे ज़्यादा रन बनाने वाले भारतीय बल्लेबाज़ बनने से केवल 20 रन से चूक गए। यह रिकॉर्ड अभी भी सुनील गावस्कर के नाम है जिन्होंने 1971 में वेस्ट इंडीज़ के खिलाफ 774 रन बनाए थे।

वहीं, हैरी ब्रुक ने सिरीज़ में 53.44 के औसत से 481 रन बनाए और कई बार इंग्लैंड की बल्लेबाज़ी को मजबूती दी।

सिराज ने रचा इतिहास

मोहम्मद सिराज ने 5 टेस्ट मैचों की सिरीज़ में 23 विकेट लेकर सबसे ज़्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज़ बने। इंग्लैंड के जोश टंग 19 विकेट के साथ दूसरे स्थान पर रहे।

सिरीज़ का रोमांच भरा सफर

  • पहला टेस्ट (लीड्स): इंग्लैंड ने 5 विकेट से जीता
  • दूसरा टेस्ट (बर्मिंघम): भारत ने 336 रन से जीत दर्ज की
  • तीसरा टेस्ट (लॉर्ड्स): इंग्लैंड ने 22 रन से रोमांचक जीत हासिल की
  • चौथा टेस्ट (मैनचेस्टर): मुकाबला ड्रॉ रहा
  • पाँचवाँ टेस्ट (ओवल): भारत ने 6 रन से जीत दर्ज कर सिरीज़ 2-2 से बराबर कर दी

निष्कर्ष

ओवल टेस्ट और पूरी सिरीज़ ने क्रिकेट प्रेमियों को वो सब दिया जिसकी उन्हें उम्मीद थी – रोमांच, संघर्ष, रिकॉर्ड, और आख़िरी पल तक अनिश्चितता। मोहम्मद सिराज की गेंदबाज़ी, गिल की बल्लेबाज़ी और ब्रुक-रूट की साझेदारी लंबे समय तक याद रखी जाएगी। इस जीत के साथ भारत ने यह दिखा दिया कि वह किसी भी परिस्थिति में वापसी कर सकता है और टेस्ट क्रिकेट का असली मज़ा अब भी जिंदा है।

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