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वैष्णो देवी कटरा भूस्खलन त्रासदी: भारी बारिश से तबाही, यात्रा स्थगित

Vaishno Devi Katra Landslide Live: जम्मू-कश्मीर के कटरा में भारी बारिश और भूस्खलन से बड़ा हादसा हुआ है।

Vaishno Devi Katra Landslide Live: जम्मू-कश्मीर के कटरा में 27 अगस्त 2025 को भारी बारिश और भूस्खलन से तबाही मच गई। माता वैष्णो देवी जाने वाले मार्ग पर हादसे में 30 से अधिक श्रद्धालुओं की मौत हो गई और यात्रा स्थगित कर दी गई। जम्मू-कश्मीर के कटरा स्थित प्रसिद्ध माता वैष्णो देवी धाम में 27 अगस्त 2025 को भारी बारिश और भूस्खलन ने भयावह तबाही मचा दी। मौसम विभाग की पहले से दी गई चेतावनियों के बावजूद इस प्राकृतिक आपदा ने न सिर्फ श्रद्धालुओं की यात्रा रोक दी, बल्कि दूरसंचार, रेल और सड़क यातायात को भी पूरी तरह ठप कर दिया। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, अब तक 30 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और कई लोग घायल हैं। राहत और बचाव कार्य लगातार जारी है, जिसमें भारतीय सेना, सीआरपीएफ, एनडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन की टीमें जुटी हुई हैं।


1. भूस्खलन का कारण और प्रभाव

भारी बारिश से उत्पन्न संकट

जम्मू संभाग और खासकर रियासी तथा कटरा क्षेत्र में 26 अगस्त की रात से लगातार भारी बारिश हो रही थी। सुबह होते-होते बारिश इतनी तेज हो गई कि वैष्णो देवी मार्ग पर कई जगहों पर पहाड़ दरकने लगे और भूस्खलन ने जानलेवा रूप ले लिया।

  • मुख्य मार्ग अवरुद्ध – भूस्खलन के कारण त्रिकुटा पहाड़ी के पास मुख्य मार्ग पूरी तरह जाम हो गया।
  • यात्रा स्थगित – माता वैष्णो देवी यात्रा तत्काल प्रभाव से रोक दी गई।
  • यात्री फंसे – हजारों श्रद्धालु बीच रास्ते में फंसे रह गए।

2. श्रद्धालुओं की मौत और अफरातफरी

अधिकारियों ने पुष्टि की है कि इस आपदा में कम से कम 30 श्रद्धालुओं की मौत हो चुकी है। कई लोग गंभीर रूप से घायल हैं और उन्हें नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।

एक श्रद्धालु दशरथ (चंपारण, बिहार) ने मीडिया से कहा:

“हम दर्शन करके लौट रहे थे तभी पता चला कि भारी बारिश और भूस्खलन से बहुत बड़ा हादसा हो गया। ट्रेनें बंद होने से हम यहीं फंस गए हैं।”


3. संचार सेवाएं ठप

जम्मू पूरी तरह से डिस्कनेक्ट

जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने बताया कि इस बार की तबाही ने संचार व्यवस्था को पूरी तरह ठप कर दिया है।

  • मोबाइल नेटवर्क बंद – सिर्फ जियो मोबाइल पर थोड़ा बहुत डेटा उपलब्ध है।
  • फिक्स्ड लाइन और वाई-फाई बंद – कोई ब्राउज़िंग संभव नहीं।
  • ऐप्स ठप – व्हाट्सएप पर सिर्फ छोटे टेक्स्ट मैसेज भेजे जा रहे हैं, लेकिन कॉल और मीडिया शेयरिंग बंद है।

मुख्यमंत्री ने इसे 2014 और 2019 की बाढ़ के बाद सबसे बड़ा डिस्कनेक्ट बताया।


4. न्यायपालिका और शिक्षा पर असर

भूस्खलन और मौसम की खराबी का असर न्यायपालिका और शिक्षा व्यवस्था पर भी पड़ा है।

  • हाई कोर्ट बंद – जम्मू और लद्दाख हाई कोर्ट के जम्मू विंग को 27 अगस्त को गैर-कार्य दिवस घोषित कर दिया गया।
  • कश्मीर यूनिवर्सिटी परीक्षा रद्द – प्रतिकूल मौसम के कारण सभी परीक्षाएं स्थगित कर दी गईं। नई तारीखों की घोषणा बाद में होगी।

5. कठुआ और माधोपुर में तबाही

कठुआ में रावी पुल बहा

कठुआ जिले में रावी नदी पर बना एक बड़ा पुल का हिस्सा बह गया। इसके कारण कई इलाके कट गए।

सेना का रेस्क्यू ऑपरेशन

  • 22 सीआरपीएफ जवान, 3 स्थानीय नागरिक और एक सीआरपीएफ डॉग को सेना ने हेलीकॉप्टर से सुरक्षित निकाला।
  • माधोपुर हेडवर्क्स (पंजाब) के पास फंसे लोगों को भी सफलतापूर्वक बचाया गया।

सेना के अनुसार, रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा होने के कुछ ही देर बाद वह इमारत गिर गई जिसमें लोग शरण लिए हुए थे। इससे सेना की समयबद्धता और सटीकता का अंदाजा लगाया जा सकता है।


6. ट्रेनें और परिवहन बाधित

रेल सेवाएं ठप

कटरा और जम्मू को जोड़ने वाली कई ट्रेनें रद्द कर दी गईं। इसके कारण हजारों यात्री स्टेशन पर ही फंसे रह गए।

सड़क यातायात पर असर

  • कटरा से जम्मू और अन्य जिलों को जोड़ने वाली कई सड़कें बंद।
  • हाईवे पर भूस्खलन के कारण गाड़ियों की लंबी कतारें लग गईं।

7. मौसम विभाग की चेतावनी

मौसम विभाग ने सुबह 5:10 बजे डीडब्ल्यूआर इमेजरी जारी की, जिसमें बड़े पैमाने पर तूफान और बारिश की गतिविधि दिखाई दी।

  • गंभीर संवहन – जम्मू, सांबा, कठुआ, आरएस पुरा, अखनूर, बिश्नाह, विजयपुर और उधमपुर प्रभावित।
  • मध्यम संवहन – रियासी, रामबन, डोडा, कटरा, रामनगर, हीरानगर, बनिहाल आदि प्रभावित।
  • ओलावृष्टि की आशंका – कई इलाकों में 40 डीबीजेड से अधिक परावर्तकता दर्ज की गई।

8. चिनाब नदी का उफान

लगातार भारी बारिश से चिनाब नदी उफान पर है। इसके किनारे बसे गांवों को खाली कराया जा रहा है।

  • एनडीआरएफ, सीआरपीएफ और इंडियन आर्मी मिलकर रेस्क्यू अभियान चला रही हैं।
  • नदी के पास फंसे लोगों को सुरक्षित निकाला जा रहा है।

9. प्रशासन और सरकार की चुनौती

सरकार और प्रशासन के सामने फिलहाल सबसे बड़ी चुनौतियां हैं:

  1. फंसे श्रद्धालुओं और नागरिकों को सुरक्षित निकालना।
  2. मृतकों और घायलों की संख्या की पुष्टि करना।
  3. संचार और परिवहन को बहाल करना।
  4. प्रभावित जिलों में राहत सामग्री पहुंचाना।
  5. बाढ़ और भूस्खलन से खतरे में आए गांवों को सुरक्षित करना।

10. सोशल मीडिया और अफवाहें

संचार सेवाएं ठप होने के कारण अफवाहों का बाजार गर्म है। कुछ जगहों पर गलत सूचनाएं भी फैल रही हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि सिर्फ आधिकारिक स्रोतों से जानकारी प्राप्त करें


11. वैष्णो देवी यात्रा का भविष्य

हर साल लाखों श्रद्धालु माता वैष्णो देवी के दर्शन के लिए कटरा पहुंचते हैं। लेकिन इस तरह की प्राकृतिक आपदाएं यात्रा की सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा करती हैं।

  • सुरक्षा इंतजाम कड़े करने होंगे।
  • भूस्खलन-प्रवण क्षेत्रों में विशेष निगरानी।
  • आपदा प्रबंधन योजना को और मजबूत करना होगा।

निष्कर्ष

वैष्णो देवी कटरा भूस्खलन सिर्फ एक प्राकृतिक आपदा नहीं, बल्कि मानव जीवन, प्रशासनिक क्षमता और धार्मिक आस्था की भी परीक्षा है। इस त्रासदी ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि प्रकृति के सामने इंसान कितना असहाय है। अब जरूरी है कि सरकार, प्रशासन और स्थानीय समुदाय मिलकर न सिर्फ प्रभावित लोगों की मदद करें, बल्कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचने के लिए ठोस कदम उठाएं।

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