71वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार 2023: शाहरुख़ ख़ान, विक्रांत मैसी और रानी मुखर्जी को मिला बड़ा सम्मानBy Daily Update1 | Updated: August 2, 2025
राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार 2023 की घोषणा शुक्रवार को हुई, जिसमें शाहरुख़ ख़ान, विक्रांत मैसी और रानी मुखर्जी जैसे दिग्गज कलाकारों को बड़ी श्रेणियों में सम्मानित किया गया। जिसमें देशभर की फ़ीचर और नॉन-फ़ीचर फिल्मों को विभिन्न कैटेगरी में सम्मानित किया गया। इस साल शाहरुख़ ख़ान, विक्रांत मैसी, रानी मुखर्जी, करण जौहर और सुदीप्तो सेन जैसी चर्चित हस्तियों को उनके शानदार कार्य के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार से नवाज़ा गया।
बेस्ट फ़ीचर फ़िल्म: 12वीं फेल
इस साल बेस्ट फ़ीचर फ़िल्म का खिताब विक्रांत मैसी स्टारर हिंदी फिल्म ‘12वीं फेल’ को मिला। फिल्म एक संघर्षशील छात्र की कहानी बयां करती है, जिसने समाज को शिक्षा और आत्मविश्वास का असली अर्थ समझाया।
बेस्ट पॉपुलर फिल्म: रॉकी और रानी की प्रेम कहानी
करण जौहर द्वारा निर्देशित फिल्म ‘रॉकी और रानी की प्रेम कहानी’ को बेस्ट पॉपुलर फिल्म का अवॉर्ड मिला। इस फिल्म को मनोरंजन और पारिवारिक मूल्यों के बेहतरीन मिश्रण के लिए सराहा गया। इसकी कोरियोग्राफी के लिए वैभवी मर्चेंट को भी राष्ट्रीय पुरस्कार मिला।
बेस्ट एक्टर: शाहरुख़ ख़ान और विक्रांत मैसी
बेस्ट एक्टर का अवॉर्ड इस बार दो दिग्गज कलाकारों को संयुक्त रूप से मिला:
- शाहरुख़ ख़ान को फिल्म ‘जवान’ के लिए
- विक्रांत मैसी को फिल्म ‘12वीं फेल’ के लिए
दोनों कलाकारों ने अपनी-अपनी भूमिकाओं में दमदार प्रदर्शन कर दर्शकों और समीक्षकों का दिल जीता।
बेस्ट एक्ट्रेस: रानी मुखर्जी
रानी मुखर्जी को फिल्म ‘मिसेज चटर्जी वर्सेस नॉर्वे’ में उनके भावनात्मक और सशक्त अभिनय के लिए बेस्ट एक्ट्रेस का राष्ट्रीय पुरस्कार मिला। उन्होंने यह सम्मान सभी माताओं और अपनी टीम को समर्पित किया। रानी ने कहा, “यह मेरे 30 साल के करियर का पहला नेशनल अवॉर्ड है और यह मेरे लिए बेहद भावुक पल है।”

बेस्ट डायरेक्टर: सुदीप्तो सेन (The Kerala Story)
‘द केरल स्टोरी’ के निर्देशक सुदीप्तो सेन को बेस्ट डायरेक्टर का अवॉर्ड मिला। फिल्म की सिनेमैटोग्राफी के लिए प्रसांतनु मोहापात्रा को भी सम्मानित किया गया।
म्यूज़िक कैटेगरी में विजेता
- बेस्ट फीमेल प्लेबैक सिंगर: शिल्पा राव (जवान – ‘चलेया’)
- बेस्ट मेल प्लेबैक सिंगर: पीवीएन एस रोहित (तेलुगु फिल्म ‘बेबी’ – ‘प्रेमीस्थुना’)
- बेस्ट म्यूज़िक डायरेक्शन:
- गानों के लिए: ‘वाथी’ (तमिल)
- बैकग्राउंड स्कोर के लिए: ‘एनिमल’ (हिंदी)
अन्य मुख्य पुरस्कार
- बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर: विजयराघवन और मुथुपेट्टई सोमू भास्कर
- बेस्ट सपोर्टिंग एक्ट्रेस: उर्वशी और जानकी बोदीवाला
- बेस्ट हिंदी फिल्म: ‘कटहल: अ जैकफ्रूट मिस्ट्री’ (डायरेक्टर – यशोवर्धन मिश्रा)
- बेस्ट सामाजिक और पर्यावरणीय फिल्म: ‘सैम बहादुर’ (डायरेक्टर – मेघना गुलज़ार)
नॉन-फ़ीचर फिल्म कैटेगरी
- बेस्ट नॉन-फ़ीचर फिल्म: ‘फ्लावरिंग मैन’ (हिंदी), डायरेक्टर – सौम्यजीत घोष
- 30 मिनट तक की बेस्ट नॉन-फीचर फिल्म: ‘गिद्ध: द स्कैवेंजर’, डायरेक्टर – मनीष सैनी
- सामाजिक और पर्यावरणीय मूल्यों पर आधारित फिल्म: ‘द साइलेंट एपिडेमिक’, डायरेक्टर – अक्षत गुप्ता
- बेस्ट सिनेमैटोग्राफी (नॉन-फीचर): तमिल फिल्म ‘लिटिल विंग्स’
क्षेत्रीय भाषाओं में सर्वश्रेष्ठ फ़िल्में
- मलयालम: ‘उल्लोलुक्कु (अंडरकरंट)’ – क्रिस्टो टोमी
- मराठी: ‘श्यामची आई’
- गारो भाषा: ‘रिमडोगित्तांगा (रैप्चर)’ – डॉमिनिक मेगम सांगमा
- तेलुगु: ‘भगवन्त केसरी’ – अनिल रविपुडी
कोरियोग्राफ़र वैभवी मर्चेंट की भावनाएं
वैभवी मर्चेंट, जिन्हें फिल्म ‘रॉकी और रानी की प्रेम कहानी’ के गाने ‘डिंढोरा बाजे’ के लिए नेशनल अवॉर्ड मिला, उन्होंने कहा, “मुझे यकीन ही नहीं हुआ कि मुझे अवॉर्ड मिला है। इस गाने को कोरियोग्राफ करने में मुझे 14 दिन लगे थे और यह मेरे जीवन का बेहद यादगार अनुभव रहा।”
राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार 2023 में जहां बॉलीवुड का जलवा देखने को मिला, वहीं क्षेत्रीय भाषाओं की फिल्मों ने भी महत्वपूर्ण उपस्थिति दर्ज की। मराठी, तमिल, मलयालम और गारो भाषा की फिल्मों को भी विभिन्न श्रेणियों में सम्मान मिला। इस वर्ष की चयन प्रक्रिया में विविधता और गुणवत्ता को विशेष महत्व दिया गया, जिससे यह पुरस्कार समारोह भारतीय सिनेमा की विविधता को दर्शाता है। दर्शकों और समीक्षकों ने इस साल के पुरस्कार विजेताओं की खूब सराहना की है, और सोशल मीडिया पर भी इसे लेकर काफी चर्चा हो रही है। आने वाले वर्षों में इन पुरस्कारों की गूंज और ज़्यादा सुनाई देगी।
निष्कर्ष:
71वें राष्ट्रीय फ़िल्म पुरस्कारों ने साबित कर दिया कि भारतीय सिनेमा में विविधता, भावनात्मक गहराई और सामाजिक जागरूकता आज भी जीवंत है। पुरस्कारों में जहां शाहरुख़ ख़ान जैसे सुपरस्टार को सम्मान मिला, वहीं विक्रांत मैसी और रानी मुखर्जी जैसे कलाकारों की प्रतिभा को भी राष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया।

