राजनीति

अखिलेश यादव बदल गए हैं, अब उन्हें माफिया पसंद: सपा से निष्कासित विधायक पूजा पाल का बड़ा बयान

लखनऊ: सपा से निष्कासित विधायक पूजा पाल का बयान इन दिनों राजनीतिक हलकों में बड़ी चर्चा का विषय बना हुआ है। उत्तर प्रदेश की राजनीति इन दिनों सियासी बयानों से गरमा गई है। समाजवादी पार्टी (सपा) से निष्कासित विधायक पूजा पाल ने पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पर सीधा हमला बोला है। उनका कहना है कि आज की सपा पहले जैसी नहीं रही और अब अखिलेश यादव भी माफिया ताकतों के करीब दिखाई दे रहे हैं।

पार्टी से निष्कासन के बाद पहली बड़ी प्रतिक्रिया

कौशांबी जिले की चायल विधानसभा सीट से विधायक पूजा पाल हाल ही में तब सुर्खियों में आईं जब समाजवादी पार्टी ने उन्हें पार्टी से बाहर कर दिया। दरअसल, पूजा पाल ने एक कार्यक्रम के दौरान योगी आदित्यनाथ सरकार की कानून-व्यवस्था की प्रशंसा की थी। इस बयान को लेकर पार्टी नेतृत्व ने कड़ा कदम उठाते हुए उनका निष्कासन कर दिया।
पूजा पाल ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा –
“जिन्होंने मुझे न्याय दिलाया, उनकी तारीफ करना अगर गलत है तो मुझे पार्टी से निकालना ही ठीक समझा गया।”

“2012 में अखिलेश यादव की पार्टी थी, अब माफियाओं की हो गई”

सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए पूजा पाल ने कहा कि जब वह 2012 में सपा से जुड़ी थीं तब पार्टी पूरी तरह समाजवादी विचारधारा पर आधारित थी। उस समय यह पार्टी अखिलेश यादव की थी, लेकिन अब हालात बदल चुके हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि –
“आज की सपा में माफियाओं का प्रभाव बढ़ चुका है। अब ऐसा लगता है कि यह पार्टी फिर से नेताजी मुलायम सिंह यादव की सोच वाली पार्टी बन गई है।”

पति के हत्यारों को सजा दिलाने वालों की तारीफ पर निकाला गया

पूजा पाल का कहना है कि उनके पति की हत्या में शामिल अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करवाने वालों की तारीफ करना उनका अपराध नहीं था। उन्होंने स्पष्ट कहा –
“जिसने मेरे पति के हत्यारों का सफाया किया, उसकी सराहना करना मेरा अधिकार है। लेकिन दुर्भाग्य से इसी वजह से मुझे पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया।”

आगे की राजनीति को लेकर दिया संकेत

निष्कासन के बाद अपनी भविष्य की राजनीति पर उन्होंने कहा कि अभी तक किसी दल में शामिल होने का फैसला नहीं किया है। वह जल्द ही अपने समाज और समर्थकों से राय लेंगी और जनता की इच्छा के अनुसार ही आगे का कदम तय करेंगी।
“मैं अपने क्षेत्र और समाज के बीच जाकर उनसे बात करूंगी। वही लोग मेरे राजनीतिक भविष्य की दिशा तय करेंगे।”

राज्यसभा चुनाव में वोटिंग को लेकर सफाई

राज्यसभा और विधान परिषद चुनावों को लेकर भी पूजा पाल ने अपनी स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने बताया कि उन्होंने हमेशा पार्टी लाइन का पालन किया, लेकिन हाल ही में हुए राज्यसभा चुनाव में उन्होंने वही वोट दिया जिसने उन्हें न्याय दिलाया।
“पहले भी कई बार चुनाव हुए लेकिन तब मैंने कभी पार्टी लाइन नहीं तोड़ी। इस बार मैंने वही किया जो मेरे आत्मसम्मान और न्याय के लिए सही था।”

योगी आदित्यनाथ से मुलाकात

पूजा पाल ने यह भी बताया कि उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अपने क्षेत्र के विकास के लिए मुलाकात की थी। हालांकि, उन्होंने यह साफ किया कि यह किसी राजनीतिक समीकरण का हिस्सा नहीं था बल्कि केवल विकास कार्यों के लिए की गई मुलाकात थी।

‘सुश्री’ विवाद पर सफाई

सपा की ओर से जारी निष्कासन पत्र में उनके नाम के आगे ‘सुश्री’ शब्द लिखे जाने पर भी विवाद खड़ा हुआ। इस पर पूजा पाल ने कहा कि उन्होंने इस पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया।
“संभव है यह गलती से हुआ हो, लेकिन इसे मुद्दा बनाना उचित नहीं है।”

सपा में बढ़ती खींचतान

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पूजा पाल का यह बयान समाजवादी पार्टी के अंदर चल रही खींचतान और गुटबाजी को और उजागर करता है। जहां एक ओर सपा बीजेपी सरकार की आलोचना करती है, वहीं दूसरी ओर उसके ही कुछ नेता योगी सरकार की कार्यशैली की तारीफ करते नज़र आ रहे हैं।

निष्कर्ष

पूजा पाल का यह बयान आने वाले समय में प्रदेश की राजनीति में बड़ा असर डाल सकता है। उनका अगला कदम सपा के लिए चिंता का विषय हो सकता है, खासकर कौशांबी और आसपास के इलाकों में जहां उनका जनाधार मजबूत माना जाता है।

source – ANI

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