दो-दो वोटर कार्ड विवाद पर तेजस्वी यादव का जवाब, डोमिसाइल नीति को लेकर नीतीश सरकार पर जमकर बरसे
पटना, 5 अगस्त 2025: तेजस्वी यादव वोटर कार्ड विवाद पर पहली बार सामने आए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके पास इसका जवाब है और समय आने पर सब कुछ बताया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने नीतीश सरकार की डोमिसाइल नीति को भी आड़े हाथों लिया।
बिहार की सियासत में उस समय हलचल मच गई जब नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पर दो-दो वोटर कार्ड होने का आरोप लगा और इसके संबंध में शिकायत भी दर्ज कराई गई। हालांकि, तेजस्वी ने इस विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पास इसका पूरा जवाब है, जिसे समय आने पर सार्वजनिक रूप से पेश किया जाएगा। साथ ही उन्होंने चुनाव आयोग पर भी सवाल उठाए कि मतदाता सूची में कई गड़बड़ियां हैं।
वोटर लिस्ट में भारी गड़बड़ियों का आरोप
तेजस्वी यादव ने मंगलवार को पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा,
“बूथ वाइज कई लोगों का नाम मतदाता सूची में नहीं है, जबकि कई ऐसे घर हैं, जहां 50-50 लोगों का नाम दर्ज है। ये बहुत गंभीर मामला है और इसकी जांच होनी चाहिए।”
उन्होंने साफ किया कि इस मुद्दे को वे चुनाव आयोग के समक्ष उठाएंगे और जरूरत पड़ने पर न्यायालय में भी अपना पक्ष रखेंगे। तेजस्वी ने यह भी कहा कि वोटर कार्ड की दोहरी एंट्री का मामला सिर्फ उनके खिलाफ नहीं है, बल्कि प्रदेश भर में यह समस्या फैली हुई है, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
डोमिसाइल नीति पर नीतीश सरकार को घेरा
बिहार सरकार द्वारा हाल ही में शिक्षक भर्ती में डोमिसाइल नीति लागू करने के फैसले पर भी तेजस्वी यादव ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार विपक्ष के सुझावों को ही अपने फैसलों में शामिल कर रही है।
तेजस्वी ने कहा,
“हमने पहले ही कहा था कि अगर हमारी सरकार आती है तो हम बिहार के युवाओं के लिए डोमिसाइल नीति लाएंगे। अब एनडीए सरकार वही कर रही है। इसका मतलब है कि सरकार के पास अपना कोई विजन नहीं है, वे सिर्फ विपक्ष की बातों की नकल कर रहे हैं।”
तेजस्वी ने आगे कहा कि बिहार में 20 सालों से डोमिसाइल नीति पर चर्चा होती रही है, लेकिन अब जाकर इसे लागू किया गया है। उन्होंने इस नीति के कार्यान्वयन पर भी सवाल उठाए और कहा कि देखना होगा कि सरकार इसे जमीनी स्तर पर कैसे लागू करती है।
माई-बहिन मान योजना की भी हो सकती है नकल
तेजस्वी यादव ने तंज कसते हुए कहा कि आने वाले समय में नीतीश सरकार उनकी लोकप्रिय “माई-बहिन मान योजना” को भी कॉपी कर सकती है। उन्होंने कहा कि एनडीए सरकार के पास अपना कोई रोडमैप नहीं है और वह सिर्फ विपक्ष के घोषणापत्र से नीतियाँ उधार ले रही है।
उन्होंने कहा,
“हम जो कहते हैं, सरकार वही करती है। ऐसा लगता है जैसे उनकी सोचने की क्षमता खत्म हो गई है। बिहार के लोगों को ये समझना होगा कि असली योजनाएं कौन लाता है और कौन सिर्फ सत्ता में बने रहने के लिए दिखावा करता है।”
रांची रवाना होते समय पत्रकारों से बात
तेजस्वी यादव ने यह सारे बयान उस वक्त दिए जब वह झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए पटना से रांची रवाना हो रहे थे। उन्होंने पत्रकारों के सवालों का संक्षिप्त लेकिन स्पष्ट जवाब दिया और कहा कि विपक्ष अपनी भूमिका निभा रहा है, लेकिन सरकार जवाबदेही से भाग रही है।
चुनाव आयोग से कार्रवाई की मांग
तेजस्वी यादव ने मतदाता सूची की गड़बड़ियों के खिलाफ चुनाव आयोग से कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि
“अगर समय रहते इस पर ध्यान नहीं दिया गया, तो लोकसभा और विधानसभा चुनावों की निष्पक्षता पर सवाल उठ सकते हैं।”
उन्होंने यह भी दावा किया कि चुनाव आयोग के पास पर्याप्त संसाधन और तकनीक है जिससे फर्जी नाम और डुप्लीकेट वोटर कार्ड की जांच की जा सकती है।
निष्कर्ष:
तेजस्वी यादव एक बार फिर बिहार की राजनीति के केंद्र में हैं — एक ओर वे मतदाता पहचान पत्र में गड़बड़ी को लेकर सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं, तो दूसरी ओर नीतीश सरकार की नीतियों पर सवाल उठा रहे हैं। उनके हालिया बयानों से स्पष्ट है कि वे 2025 के आगामी चुनावों को लेकर न केवल तैयार हैं, बल्कि प्रभावी विपक्षी रणनीति के साथ सरकार पर दबाव भी बना रहे हैं।
Image source – ABP News

