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7 गोलियां झेलीं, फिर भी नहीं डिगे! शाहजहांपुर के IAS रिंकू सिंह राही की बहादुरी की मिसाल

IAS रिंकू सिंह राही ने 100 करोड़ के घोटाले का खुलासा कर पूरे देश का ध्यान खींचा। शाहजहांपुर में उनका वायरल वीडियो अब चर्चा में है..उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में हाल ही में एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें आईएएस अधिकारी रिंकू सिंह राही वकीलों के सामने कान पकड़कर उठक-बैठक करते नजर आ रहे हैं। यह दृश्य जितना असामान्य था, उससे भी ज्यादा अद्भुत है इस अफसर की कहानी, जो कभी 100 करोड़ रुपये के घोटाले का भंडाफोड़ कर 7 गोलियों का शिकार हुए थे।

कौन हैं रिंकू सिंह राही?

रिंकू सिंह राही उत्तर प्रदेश कैडर के ईमानदार और संघर्षशील अधिकारी हैं, जो वर्तमान में शाहजहांपुर में SDM और ज्वाइंट मजिस्ट्रेट के पद पर तैनात हैं। मथुरा में सहायक कलेक्टर रह चुके राही हमेशा से भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी सख्त सोच और बेखौफ रवैये के लिए जाने जाते हैं।


100 करोड़ के घोटाले का पर्दाफाश और जानलेवा हमला

साल 2008 में, जब रिंकू सिंह राही मुजफ्फरनगर में जिला समाज कल्याण अधिकारी के पद पर तैनात थे, तब उन्होंने छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति योजना में हो रहे करोड़ों के घोटाले का खुलासा किया। उन्होंने सबूतों के साथ यह दिखाया कि किस तरह से फर्जी खातों के जरिए ₹100 करोड़ से अधिक की धनराशि निकाल ली गई थी।

लेकिन सच बोलने की कीमत उन्हें बहुत महंगी पड़ी।

हमला: 7 गोलियां, टूटा जबड़ा, गई आंख की रोशनी

26 मार्च 2009 की सुबह, जब वे बैडमिंटन खेल रहे थे, तभी उन पर हमला कर दिया गया। हमलावरों ने उन्हें 6 से 7 गोलियां मारीं। इस हमले में उनका जबड़ा चकनाचूर हो गया और एक आंख की रोशनी चली गई। कई महीने तक मेरठ मेडिकल कॉलेज में इलाज चला।

फिर भी, उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और सिस्टम के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखी।


प्रशासन से टकराव और RTI के जरिए संघर्ष

हमले के बाद भी रिंकू सिंह राही रुके नहीं। उन्होंने RTI के माध्यम से भ्रष्टाचार की जानकारी मांगना जारी रखा। जब सूचना नहीं मिली तो 2012 में लखनऊ निदेशालय के बाहर अनशन पर बैठ गए। प्रशासन ने उन्हें मानसिक अस्पताल भेजने तक की कोशिश की। इसके अलावा फर्जी शिकायतें और विभागीय चार्जशीट्स के जरिए उन्हें लगातार परेशान किया गया।


UPSC पास कर बने IAS – संघर्ष से सफलता तक

रिंकू सिंह राही का जन्म 20 मई 1982 को अलीगढ़ के एक निम्न-मध्यमवर्गीय परिवार में हुआ। उन्होंने NIT जमशेदपुर से मेटलर्जी में B.Tech किया और GATE में ऑल इंडिया 17वीं रैंक हासिल की। 2004 में उत्तर प्रदेश की प्रवर अधीनस्थ सेवा परीक्षा पास कर सरकारी सेवा में आए।

लेकिन उनका सपना IAS बनने का था। 2009 में हुए जानलेवा हमले और वर्षों तक चले संघर्ष के बावजूद उन्होंने 2022 में UPSC परीक्षा पास कर दिखाया कि अगर जज्बा हो तो कोई भी लक्ष्य नामुमकिन नहीं।


शाहजहांपुर में वायरल हुआ वीडियो – माफी का मानवीय उदाहरण

हाल ही में, शाहजहांपुर में SDM के रूप में पदभार संभालने के कुछ ही समय बाद, वकीलों के एक विरोध प्रदर्शन को शांत कराने पहुंचे रिंकू सिंह राही ने सबके सामने कान पकड़कर उठक-बैठक लगाई। उन्होंने सार्वजनिक रूप से कहा –

“यह हमारी गलती है, मैं माफी मांगता हूं।”

यह दृश्य सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया और लोगों ने उनके मानवीय व्यवहार, उत्तरदायित्व की भावना और प्रशासनिक विनम्रता की सराहना की।


एक ईमानदार अफसर, जो सिस्टम के खिलाफ खड़ा हुआ

रिंकू सिंह राही आज न सिर्फ एक IAS अधिकारी हैं, बल्कि ईमानदारी, साहस और जनसेवा के प्रतीक बन चुके हैं। चाहे भ्रष्टाचार का खुलासा हो, जानलेवा हमला हो या फिर सार्वजनिक रूप से अपनी गलती स्वीकार करना — उन्होंने बार-बार साबित किया है कि प्रशासनिक पद सिर्फ अधिकार नहीं, बल्कि जिम्मेदारी का प्रतीक भी होता है।

image source- social media

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