राजनीति

Jagdeep Dhankhar Resignation: खरगे बोले – “यह पीएम मोदी और उनके बीच का मामला है”

नई दिल्ली, 27 जुलाई 2025:
जगदीप धनखड़ इस्तीफा ने देश की राजनीति में एक नई हलचल पैदा कर दी है। उपराष्ट्रपति पद से अचानक इस्तीफा देने के फैसले को लेकर जहां सरकार इसे स्वास्थ्य कारणों से उठाया गया कदम बता रही है, वहीं कांग्रेस और विपक्षी दल इसके पीछे गहरे राजनीतिक संकेत देख रहे हैं। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने इस इस्तीफे को लेकर बड़ा बयान दिया है।


Jagdeep Dhankhar Resignation पर कांग्रेस का सवाल

मल्लिकार्जुन खरगे ने मीडिया से बातचीत में कहा,

“Jagdeep Dhankhar Resignation प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके बीच का मामला है। वही बताएं कि सच में क्या हुआ?”

खरगे ने तंज कसते हुए यह भी पूछा कि क्या किसानों की बात करने के कारण धनखड़ को इस्तीफा देना पड़ा?

खरगे का बयान: मोदी और धनखड़ ही बताएं सच

मीडिया से बात करते हुए खरगे ने कहा:

जगदीप धनखड़ इस्तीफा प्रधानमंत्री मोदी और उनके बीच का मामला है। हमें इसकी जानकारी नहीं है। उन्हें खुद बताना चाहिए कि इस्तीफा क्यों दिया गया?”


राज्यसभा में विपक्ष की आवाज़ को दबाने का आरोप

खरगे ने कहा कि धनखड़ ने अपने कार्यकाल में कई बार विपक्ष को ऐसे मुद्दे उठाने से रोका जो आम जनता से जुड़े थे। इनमें दलितों पर अत्याचार, महिलाओं की सुरक्षा, बेरोजगारी, और सांप्रदायिक झड़पें जैसे मुद्दे शामिल थे।

“जब हमने नोटिस के ज़रिए सदन में ये मुद्दे उठाने की कोशिश की, तो हमें मौका नहीं दिया गया,” खरगे ने आरोप लगाया।


स्वास्थ्य कारण या राजनीतिक दबाव?

Jagdeep Dhankhar Resignation के पीछे स्वास्थ्य कारणों का हवाला दिया गया है। 21 जुलाई को राष्ट्रपति को भेजे अपने त्यागपत्र में धनखड़ ने लिखा कि वे अब स्वास्थ्य को प्राथमिकता देना चाहते हैं। लेकिन कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों का मानना है कि इसके पीछे कोई गहरा राजनीतिक कारण हो सकता है।


कर्नाटक कांग्रेस में बदलाव की चर्चा

मीडिया द्वारा पूछे गए सवाल के जवाब में खरगे ने यह भी कहा कि कर्नाटक कांग्रेस अध्यक्ष को बदलने जैसे मुद्दों पर अभी कुछ नहीं कहा जा सकता। फिलहाल डीके शिवकुमार उपमुख्यमंत्री के साथ केपीसीसी अध्यक्ष भी हैं, जिसको लेकर पार्टी में मतभेद सामने आ रहे हैं।


Jagdeep Dhankhar Resignation: महज संयोग या बड़ी रणनीति?

धनखड़ का इस्तीफा ऐसे समय आया है जब संसद का मानसून सत्र नजदीक है। क्या यह राजनीतिक दबाव का नतीजा है? क्या सरकार उन्हें किसी और पद पर नियुक्त करने की योजना में है? या वाकई यह स्वास्थ्य संबंधी निर्णय है? ये सभी सवाल अब जनता और राजनीतिक विश्लेषकों के बीच चर्चा का विषय हैं।
देश के उपराष्ट्रपति पद से जगदीप धनखड़ के अचानक इस्तीफे के बाद सियासत गरमा गई है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह मामला धनखड़ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच का है, और वही दोनों इस पर सफाई दे सकते हैं।

खरगे ने धनखड़ पर आरोप लगाया कि उन्होंने राज्यसभा के सभापति रहते हुए बार-बार सरकार का पक्ष लिया और विपक्ष को अपनी बात रखने का पर्याप्त अवसर नहीं दिया।


खरगे का तीखा हमला: क्या किसानों के पक्ष में बोलना पड़ा भारी?

खरगे ने सवाल उठाया,

“क्या धनखड़ को किसानों के पक्ष में बोलने के कारण इस्तीफा देने के लिए मजबूर किया गया?”

उन्होंने कहा कि विपक्ष जब दलितों, महिलाओं, गरीबों और हिंदू-मुस्लिम संघर्ष जैसे गंभीर मुद्दों को उठाने की कोशिश करता था, तब धनखड़ उन्हें मौका नहीं देते थे। यह लोकतंत्र के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है।


धनखड़ का इस्तीफा और राजनीतिक हलचल

उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने 21 जुलाई की शाम अचानक स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को अपना त्यागपत्र सौंपते हुए लिखा कि वे अपनी सेहत पर ध्यान देना चाहते हैं, इसलिए तत्काल प्रभाव से पद छोड़ रहे हैं।

हालांकि, विपक्ष का मानना है कि इसके पीछे कोई बड़ा राजनीतिक कारण हो सकता है, जिसे सरकार छिपा रही है।


कर्नाटक कांग्रेस में बदलाव के संकेत

मीडिया से बातचीत के दौरान जब खरगे से कर्नाटक कांग्रेस में संभावित बदलाव को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा,

“इस पर अभी कुछ नहीं कह सकते, समय आने पर बात करेंगे।”

फिलहाल, डीके शिवकुमार उपमुख्यमंत्री के साथ-साथ कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भी हैं। पार्टी के अंदर उन्हें अध्यक्ष पद से हटाने की चर्चा जोरों पर है।


निष्कर्ष: इस्तीफे के पीछे सियासी रणनीति या निजी कारण?

धनखड़ का इस्तीफा भले ही स्वास्थ्य कारणों से बताया गया हो, लेकिन कांग्रेस और विपक्ष की ओर से जो सवाल उठाए जा रहे हैं, वह इस मुद्दे को और पेचीदा बना रहे हैं। क्या यह महज एक व्यक्तिगत निर्णय है, या इसके पीछे कोई राजनीतिक दबाव है — इसका जवाब अभी सामने आना बाकी है।

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