राजनीति

संसद मानसून सत्र 2025: डिंपल यादव और खरगे का सरकार पर हमला | पहलगाम हमला बना बड़ा मुद्दा

संसद में छाया पहलगाम हमला और ऑपरेशन सिंदूर का मुद्दा

संसद के मानसून सत्र 2025 के सातवें दिन सदन में सुरक्षा और आतंकवाद पर गहन बहस देखने को मिली। विशेषकर पहलगाम आतंकी हमला, जिसमें 26 निर्दोष लोग मारे गए थे, को लेकर विपक्ष ने सरकार की जवाबदेही पर गंभीर सवाल उठाए।

समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव, कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खरगे, गौरव गोगोई, और AIMIM सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने सरकार से पूछा कि जब कश्मीर को सुरक्षित बताया जा रहा था, तब ऐसी सुरक्षा चूक कैसे हुई?


डिंपल यादव का सवाल: ऑपरेशन सिंदूर में कितने फाइटर जेट गिरे?

सपा सांसद डिंपल यादव ने सदन में कहा कि सरकार ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को एक बड़ी सफलता बताया, लेकिन यह स्पष्ट नहीं किया कि इसमें कितने पाकिस्तानी ठिकानों को नष्ट किया गया और कितने लड़ाकू विमान गिरे

उन्होंने सरकार से पूछा:

  • अगर VVIP मूवमेंट के दौरान कश्मीर घाटी को हाई अलर्ट पर रखा जाता है, तो आम नागरिकों की सुरक्षा में इतनी ढिलाई क्यों?
  • पहलगाम जैसे संवेदनशील पर्यटन क्षेत्र में सुरक्षा की व्यवस्था क्यों नाकाफी थी?
  • आतंकवादियों को बैसरन घाटी तक पहुंचने कैसे दिया गया?

खरगे का बड़ा आरोप: सरकार के अंदर नंबर 1 और 2 से सब डरते हैं

राज्यसभा में नेता विपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि “जब पहलगाम हमला हुआ तो जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने सुरक्षा चूक स्वीकार की, लेकिन क्या यह गृह मंत्री अमित शाह को बचाने की रणनीति थी?”

खरगे ने आगे कहा:

“सरकार के भीतर कोई बोलने की हिम्मत नहीं करता। सब नंबर 1 और नंबर 2 से डरते हैं। जब जनता मारी जाती है, तो जिम्मेदारी फिक्स क्यों नहीं होती?”

उन्होंने प्रधानमंत्री से मांग की कि गृह मंत्रालय के स्तर पर जवाबदेही तय की जाए और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई हो।


राज्यसभा में नड्डा बनाम खरगे, तू-तू मैं-मैं के बाद माफी

राज्यसभा में जेपी नड्डा और मल्लिकार्जुन खरगे के बीच तीखी बहस देखने को मिली। जब नड्डा ने कहा कि खरगे ‘भावनाओं में संतुलन खो बैठे हैं’, तो खरगे भड़क गए और आरोप लगाया कि उन्हें “मेंटल” कहा गया।

इसपर विपक्ष ने ज़ोरदार हंगामा किया। नड्डा ने अपने शब्द वापस लेते हुए माफी मांग ली, लेकिन खरगे ने कहा:

“मैं इसे ऐसे नहीं जाने दूंगा। यह सदन का अपमान है।”


अमित शाह का बयान: ऑपरेशन महादेव में तीनों आतंकी पाकिस्तानी

गृहमंत्री अमित शाह ने ऑपरेशन महादेव को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा:

“मैं चिदंबरम जी से कहना चाहता हूं कि हमारे पास पक्के सबूत हैं कि तीनों आतंकी पाकिस्तान से थे।”

हालांकि विपक्ष ने सवाल उठाया कि पहलगाम हमले में मारे गए पर्यटकों की मौत पर सरकार क्यों चुप है?


गौरव गोगोई ने मोदी-शाह पर साधा निशाना

कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री शाह पर कटाक्ष करते हुए कहा:

“मोदी जी पाकिस्तान बिरयानी खाने गए थे और अब हमें राष्ट्रभक्ति का पाठ पढ़ाया जा रहा है। अमित शाह खुद बीसीसीआई के मुद्दों पर सफाई दे रहे हैं, जबकि भारत-पाकिस्तान क्रिकेट मैच पर देश में आक्रोश है।”

गौरव गोगोई ने सवाल उठाया:

  • पहलगाम में 26 नागरिक मारे गए, लेकिन कोई उच्च स्तरीय इस्तीफा क्यों नहीं हुआ?
  • सीजफायर किसके कहने पर और किस समय हुआ, इसका विवरण क्यों नहीं दिया गया?

ओवैसी का तंज: पहलगाम में खून बहा, मैदान में क्रिकेट कैसे?

AIMIM सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने सरकार पर दोहरा मापदंड अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा:

“जब पहलगाम में हमारे लोग मारे जा रहे हैं, तब आप पाकिस्तान से क्रिकेट मैच खेलते हैं? पानी और खून साथ नहीं बह सकते, ये आपने कहा था।”


बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे बोले: हिंदी बोलना गुनाह हो गया?

बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने भाषा के मुद्दे को उठाया। उन्होंने कहा:

“अब सदन में 20-30 मिनट तक बंगाली में भाषण होता है लेकिन हिंदी बोलो तो दिक्कत। हिंदी बोलना क्या अब गुनाह है?”

उन्होंने कांग्रेस और विपक्षी दलों पर उत्तर भारतीयों के खिलाफ मानसिकता रखने का आरोप लगाया।


निष्कर्ष: विपक्ष ने एक सुर में कहा— “जवाब चाहिए, प्रचार नहीं”

पूरे संसद सत्र के दौरान एक बात साफ दिखी— विपक्षी दल सरकार से प्रचार नहीं, जिम्मेदारी मांग रहे हैं। पहलगाम हमले में मारे गए 26 नागरिकों की मौत सिर्फ एक संख्या नहीं, बल्कि एक सिस्टम की असफलता को उजागर करती है।

डिंपल यादव, मल्लिकार्जुन खरगे, गौरव गोगोई और ओवैसी ने सरकार से एक ही बात पूछी:

“आख़िर सुरक्षा चूक के लिए ज़िम्मेदार कौन है?”

Image source-Sansad TV

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