क्रिकेटर आकाशदीप की नई फॉर्च्यूनर पर बवाल, परिवहन मंत्री बोले — “मामले की होगी जांच”
क्रिकेटर आकाशदीप फॉर्च्यूनर विवाद इन दिनों लखनऊ की सुर्खियों में है। रक्षाबंधन पर खरीदी गई नई कार की डिलीवरी बिना रजिस्ट्रेशन और HSRP नंबर प्लेट के होने पर परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने जांच के आदेश दिए हैं।
लखनऊ: भारतीय क्रिकेटर आकाशदीप सिंह की नई फॉर्च्यूनर कार को लेकर खड़ा हुआ विवाद अब सुर्खियों में है। मामला इतना बढ़ा कि परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह को खुद बयान देना पड़ा। उन्होंने साफ कहा है कि अगर वाहन की डिलीवरी बिना पंजीकरण और हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट (HSRP) के हुई है, तो जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।
मंत्री का बयान — “आकाशदीप यूपी का गौरव”
जब पत्रकारों ने इस मुद्दे पर मंत्री से सवाल किया तो उन्होंने कहा —
“आकाशदीप जी उत्तर प्रदेश का गौरव हैं। अगर इस तरह की कोई बात सामने आई है, तो इसे दिखवाया जाएगा।”
मंत्री का यह बयान इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह सीधे परिवहन विभाग की कार्यप्रणाली और वाहन डीलरों की जिम्मेदारी पर सवाल खड़े करता है।
विवाद की शुरुआत कैसे हुई?
रक्षाबंधन के दिन क्रिकेटर आकाशदीप ने लखनऊ के चिनहट स्थित सनी मोटर्स से नई टोयोटा फॉर्च्यूनर खरीदी थी। उन्होंने अपनी बहनों के साथ कार की तस्वीरें सोशल मीडिया पर पोस्ट कीं, जिसमें वे खुशी से मुस्कुराते नजर आ रहे थे।
इन तस्वीरों में साफ दिख रहा था कि कार पर न तो स्थायी नंबर प्लेट लगी है और न ही हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (HSRP)। बस अस्थायी कागज चिपका हुआ था।
तस्वीरें वायरल होने के बाद परिवहन विभाग की नज़र इस पर पड़ी। जब अधिकारियों ने जांच की तो पता चला कि गाड़ी का पंजीकरण अभी हुआ ही नहीं था और रोड टैक्स भी जमा नहीं किया गया था।
विभाग की कार्रवाई — नोटिस और चेतावनी
जांच के बाद विभाग ने शोरूम डीलर को कारण बताओ नोटिस जारी किया। आरोप है कि डीलर ने जरूरी कानूनी प्रक्रिया पूरी किए बिना गाड़ी डिलीवर कर दी, जो सीधा मोटर व्हीकल एक्ट का उल्लंघन है।
क्रिकेटर आकाशदीप को भी विभाग ने निर्देश दिया है कि रजिस्ट्रेशन पूरा होने तक वह गाड़ी को सड़क पर न चलाएं। विभाग ने चेतावनी दी —
“अगर यह गाड़ी सड़क पर मिली, तो उसे सीज कर लिया जाएगा और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”
जांच में क्या-क्या सामने आया?
- सेल इनवॉइस: 7 अगस्त 2025 को जारी किया गया।
- बीमा: 8 अगस्त 2025 को कराया गया।
- रोड टैक्स: जमा नहीं हुआ, जिसके कारण रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी।
- HSRP प्लेट: बनवाई ही नहीं गई।
- डिलीवरी: नियम तोड़कर क्रिकेटर को कार सौंप दी गई।
इसका मतलब है कि गाड़ी की डिलीवरी मोटर वाहन नियमों के विपरीत की गई।
क्यों जरूरी है पंजीकरण और HSRP?
भारत में मोटर वाहन अधिनियम के अनुसार, किसी भी नई गाड़ी को सड़क पर उतारने से पहले उसका रजिस्ट्रेशन कराना और हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाना अनिवार्य है।
- रजिस्ट्रेशन से वाहन की पहचान पक्की होती है और ट्रैफिक सिस्टम में उसकी एंट्री होती है।
- HSRP नकली नंबर प्लेट रोकने और सुरक्षा बढ़ाने का एक अहम तरीका है।
बिना इन दोनों के, कोई भी गाड़ी सड़क पर चलाना कानूनन अपराध है।
सोशल मीडिया पर चर्चा
सोशल मीडिया पर इस घटना को लेकर दो तरह की राय सामने आ रही है।
- कुछ लोग मानते हैं कि यह गलती डीलर की है और क्रिकेटर को इसका दोषी नहीं ठहराया जाना चाहिए।
- वहीं कुछ का कहना है कि एक पब्लिक फिगर होने के नाते आकाशदीप को नियमों का पालन कर उदाहरण पेश करना चाहिए था।
क्या होगा आगे?
अब जब मामला मीडिया और सोशल मीडिया में चर्चा का विषय बन गया है, तो संभावना है कि परिवहन विभाग डीलर पर सख्त कार्रवाई करे।
- डीलर का लाइसेंस रद्द या निलंबित किया जा सकता है।
- जुर्माना लगाया जा सकता है।
- अगर नियमों की अनदेखी बार-बार पाई गई, तो मामला अदालत तक भी जा सकता है।
क्रिकेटर के लिए सबक
भले ही इस विवाद की सीधी जिम्मेदारी डीलर पर ज्यादा है, लेकिन एक नामी क्रिकेटर होने के नाते आकाशदीप को भी अब यह समझ आ गया होगा कि हर कानूनी प्रक्रिया पूरी करना जरूरी है, चाहे वह गाड़ी खरीदने जैसी खुशी का मौका ही क्यों न हो।
नतीजा
यह मामला सिर्फ एक गाड़ी की डिलीवरी का नहीं है, बल्कि यह सवाल उठाता है कि क्या बड़े ग्राहकों के लिए नियमों को नजरअंदाज किया जाता है? और क्या डीलरों पर निगरानी पर्याप्त है?
परिवहन मंत्री के बयान के बाद उम्मीद की जा रही है कि इस मामले में न केवल कार्रवाई होगी, बल्कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्त दिशा-निर्देश भी जारी किए जाएंगे।
image source – social media

