Kushinagar

Kushinagar News: एयरपोर्ट विस्तार में बाधा बने मकानों की ध्वस्तीकरण कार्रवाई

कुशीनगर, उत्तर प्रदेश:
Kushinagar News के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय कुशीनगर एयरपोर्ट के विस्तार में बाधा बन रहे आठ अवैध मकानों को प्रशासन ने खाली कराने के बाद ध्वस्त कर दिया है। इससे एयरपोर्ट के विस्तार और आईएलएस (Instrument Landing System) एवं आईएफआर (Instrument Flight Rules) जैसी आधुनिक सुविधाओं की स्थापना में अब कोई रुकावट नहीं आएगी।

एयरपोर्ट विस्तार के लिए भूमि अधिग्रहण

कुशीनगर एयरपोर्ट के विकास के लिए वर्ष 2020 में लगभग 30.14 एकड़ भूमि अधिग्रहित की गई थी। इसमें किसानों की निजी भूमि, आबादी श्रेणी-6 (2), अन्य सरकारी भूमि और उस पर निर्मित अवसंरचना शामिल थी। अधिग्रहण की प्रक्रिया के बाद भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) के पक्ष में कुल 29.88 एकड़ भूमि हस्तांतरित की जा चुकी है।

इस भूमि में विशेष रूप से गाटा संख्या 1275/0.1740 हेक्टेयर, ग्राम भलुही मदारी पट्टी शामिल थी, जो राजस्व अभिलेख में बंजर के रूप में दर्ज थी। इस पर कई लोगों द्वारा अवैध कब्जा और अतिक्रमण पाया गया।

अवैध कब्जे और न्यायालय आदेश

भूमि पर अवैध कब्जा करने वालों में शुभम श्रीवास्तव, चोकट, बनारसी, धन्नी, बच्चन प्रजापति, भकोली प्रजापति, रमायन गोड़, अम्बरीष कुमार श्रीवास्तव, मोहन लाल, उपेन्द्रलाल, संतोष लाल और सुशील कुमार शामिल थे।

तहसीलदार कसया ने उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता 2006 की धारा 67 के तहत 3 दिसंबर 2020 को इन अवैध कब्जाधारियों के बेदखली आदेश पारित किए। इसके बाद उच्च न्यायालय ने 21 अगस्त 2025 को अवैध कब्जे को हटाने का आदेश जारी किया।

प्रशासन की कार्रवाई

उपरोक्त आदेशों के पालन में मंगलवार को राजस्व, एयरपोर्ट और पुलिस टीम की संयुक्त टीम ने कार्रवाई की। आठों भवन स्वामियों ने अपने सामान स्वयं हटा लिया और प्रशासन ने सभी आठ अवैध निर्माणों को ध्वस्त कर दिया।

  • पांच अतिक्रमणकारियों को उनके अन्य स्थायी भवनों में स्थानांतरित किया गया।
  • शेष तीन अतिक्रमणकारियों को अस्थायी वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध कराई गई।

इस कार्रवाई से एयरपोर्ट के विस्तार कार्य में अब कोई बाधा नहीं रहेगी।

एयरपोर्ट विस्तार का महत्व

कुशीनगर एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाने के लिए आईएलएस और आईएफआर जैसी आधुनिक तकनीकों का विस्तार जरूरी था। इससे न केवल यात्रियों के लिए सुरक्षित और सुविधाजनक उड़ान सेवा सुनिश्चित होगी, बल्कि क्षेत्र में पर्यटन और व्यापार को भी बढ़ावा मिलेगा।

सरकारी प्रक्रियाओं और पारदर्शिता

प्रशासन ने इस पूरे प्रक्रिया को पारदर्शी और न्यायसंगत बनाए रखा। भूमि अधिग्रहण, अवैध कब्जे की पहचान और न्यायालय के आदेश के बाद कार्रवाई सभी कानूनी ढांचे के अनुसार की गई। यह कदम स्थानीय प्रशासन की सख्ती और निष्ठा को दर्शाता है।

स्थानीय प्रतिक्रिया

स्थानीय लोगों का कहना है कि एयरपोर्ट का विस्तार क्षेत्र के विकास और रोजगार सृजन में महत्वपूर्ण योगदान देगा। उन्होंने प्रशासन की कार्रवाई को सराहा और कहा कि अवैध अतिक्रमण हटाने से क्षेत्र में कानूनी व्यवस्था और सुरक्षा मजबूत होगी।

आगे की कार्यवाही

अब कुशीनगर एयरपोर्ट के विस्तार कार्य में तेजी आएगी। प्रशासन ने यह सुनिश्चित किया है कि भविष्य में किसी भी अवैध कब्जे या अतिक्रमण को तुरंत हटाया जाए। इससे न केवल एयरपोर्ट निर्माण सुरक्षित रहेगा, बल्कि अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप समय पर पूरा किया जा सकेगा।

स्थानीय प्रतिक्रिया

स्थानीय लोग एयरपोर्ट विस्तार की प्रक्रिया से संतुष्ट हैं और प्रशासन की कार्रवाई की सराहना कर रहे हैं। उनका कहना है कि अवैध कब्जा हटाने से कानूनी व्यवस्था मजबूत होगी और क्षेत्र का विकास सुचारू रूप से होगा।

भविष्य की योजना

प्रशासन ने यह सुनिश्चित किया है कि भविष्य में किसी भी अवैध अतिक्रमण को तुरंत हटाया जाएगा। यह कदम कुशीनगर एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप समय पर पूरा करने में मदद करेगा।

निष्कर्ष

कुशीनगर एयरपोर्ट का विस्तार प्रदेश के लिए एक बड़ा विकास कदम है। अवैध अतिक्रमण हटाने और ध्वस्तीकरण की कार्रवाई से यह साफ संदेश गया कि कानून का पालन और विकास दोनों प्राथमिकता हैं। अब एयरपोर्ट की आधुनिक तकनीकों और सुविधाओं के साथ विकास कार्य बिना किसी बाधा के आगे बढ़ेगा।

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