Kushinagar

Kasia News: शाम पांच बजे के बाद नहीं मिलती बस, ई-रिक्शा से करना पड़ता है 35 किलोमीटर का सफर

Dailyupdate1 Team , कुशीनगर

Kushinagar News: कसया। कुशीनगर जिले में नगर स्थित रोडवेज बस स्टेशन पर शाम पांच बजे के बाद कसया से देवरिया जाने के लिए बस की अनुपलब्धता यात्रियों के लिए बड़ी समस्या बन गई है। स्थानीय लोग बताते हैं कि शाम ढलने के बाद इस मार्ग पर बसों का संचालन पूरी तरह रुक जाता है। इसके परिणामस्वरूप यात्रियों को 35 किलोमीटर की दूरी तय करने के लिए ई-रिक्शा का सहारा लेना पड़ता है। इससे न केवल उनका समय बर्बाद होता है, बल्कि आर्थिक खर्च भी बढ़ जाता है।

कसया नगर से देवरिया तक यात्रा करने के लिए दिन के समय कुल दस बसें संचालित होती हैं। इनमें आठ अनुबंधित और दो निगम की बसें शामिल हैं। अधिकारियों का दावा है कि यह व्यवस्था लोगों की सुविधा के लिए पर्याप्त है। लेकिन स्थानीय यात्रियों का कहना है कि वास्तविकता इसके विपरीत है। दिन में बसों का इंतजार करना पड़ता है और कई बार यात्रियों को दो-दो घंटे तक इंतजार करना पड़ता है। इस तरह की असंगत समय-सारिणी यात्रियों की समस्याओं को और बढ़ा देती है।

विशेष रूप से शाम साढ़े पांच बजे के बाद बसों का संचालन नहीं होना आम लोगों के लिए चिंता का विषय बन गया है। इस समय बाद घर लौटने वाले यात्री अब मजबूरन ई-रिक्शा का उपयोग कर 35 किलोमीटर का सफर करते हैं। ई-रिक्शा की यह सेवा महंगी होने के कारण लोगों के बजट पर अतिरिक्त बोझ डालती है। कई यात्रियों का कहना है कि यह दूरी रात के समय पैदल या दोपहिया वाहन से तय करना भी सुरक्षित नहीं है। ऐसे में उनकी सुरक्षा और सुविधा दोनों प्रभावित होती हैं।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि निगम और संबंधित अधिकारियों की ओर से बस सेवा का संचालन पर्याप्त रूप से नहीं किया जा रहा है। वहीं अधिकारी दावा करते हैं कि बसों की संख्या और संचालन समय लोगों की सुविधा के अनुसार निर्धारित किया गया है। लेकिन यात्री इसे पर्याप्त नहीं मानते। उनका कहना है कि दिन के समय बसें कम और अनियमित चलती हैं, और शाम के समय पूरी तरह सेवा बंद हो जाती है।

यात्रियों की समस्याओं का एक बड़ा कारण यह भी है कि इस मार्ग पर रात के समय भी यात्रियों का आवागमन लगातार बना रहता है। कार्यरत लोग, छात्र और अन्य यात्री अक्सर शाम के बाद इस मार्ग से गुजरते हैं। लेकिन इस समय बस सेवा न होने के कारण उन्हें वैकल्पिक साधनों का सहारा लेना पड़ता है। ई-रिक्शा या टैक्सी के माध्यम से दूरी तय करने के दौरान न केवल उनका खर्च बढ़ता है, बल्कि सुरक्षा की चिंताएं भी बढ़ जाती हैं।

स्थानीय समाज में यह मुद्दा लंबे समय से उठाया जा रहा है। लोग मांग कर रहे हैं कि बसों की संख्या बढ़ाई जाए और उनका संचालन शाम के समय भी सुनिश्चित किया जाए। इसके साथ ही सुरक्षा उपायों को मजबूत करने की भी आवश्यकता है। ताकि रात के समय यात्रियों को यात्रा में कोई परेशानी न हो और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित हो।

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर इस मार्ग पर शाम के समय बस सेवा बढ़ा दी जाए, तो यात्रियों की समस्याओं में काफी हद तक कमी आ सकती है। इसके साथ ही आर्थिक बोझ भी कम होगा क्योंकि लोग महंगे ई-रिक्शा या टैक्सी पर निर्भर नहीं रहेंगे।

स्थानीय यात्री इस बात को लेकर भी चिंतित हैं कि अगर बस सेवा समय पर नहीं चली, तो आपात स्थिति में उन्हें किस तरह की सहायता मिल सकती है। सुरक्षा के लिहाज से यह एक गंभीर मुद्दा है। इसलिए लोगों की मांग है कि प्रशासन और निगम तुरंत कार्रवाई करें और शाम के समय भी बस सेवा को नियमित रूप से चलाने की व्यवस्था सुनिश्चित करें।

इस प्रकार, कसया और देवरिया के बीच बस सेवा की कमी स्थानीय लोगों के लिए एक बड़ी चुनौती बन चुकी है। यात्रियों की सुविधा, सुरक्षा और आर्थिक बोझ को ध्यान में रखते हुए यह आवश्यक है कि बस सेवा में सुधार किया जाए। इससे न केवल स्थानीय जनता की यात्रा आसान होगी, बल्कि प्रशासन के प्रति लोगों का विश्वास भी बढ़ेगा।

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