टेक्नोलॉजी

एंड्रॉयड फ़ोन की कॉलिंग स्क्रीन अचानक क्यों बदल गई? पूरी रिपोर्ट

एंड्रॉयड कॉलिंग स्क्रीन बदलाव इन दिनों सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। अचानक हुए इस बदलाव ने हज़ारों यूज़र्स को हैरान कर दिया है। कई लोग इसे हैकिंग समझ बैठे तो कुछ ने गूगल के नए अपडेट से जोड़कर सवाल पूछे। पिछले कुछ दिनों से कई एंड्रॉयड स्मार्टफ़ोन यूज़र्स सोशल मीडिया पर एक ही सवाल पूछ रहे हैं – “हमारे फ़ोन की कॉलिंग स्क्रीन अचानक क्यों बदल गई?”

कई लोगों ने दावा किया कि उन्होंने न तो अपने फ़ोन में कोई सेटिंग बदली और न ही कोई नया ऐप इंस्टॉल किया, फिर भी कॉल रिसीव करने और कॉल करने का पूरा इंटरफेस बदल गया। कुछ लोगों को तो यह शक भी हुआ कि कहीं उनका फ़ोन हैक तो नहीं हो गया।

तो आइए विस्तार से समझते हैं कि यह बदलाव क्यों हुआ, इसके पीछे कौन-सी तकनीकी वजहें हैं, और अगर आपको पुराना इंटरफेस ही पसंद है तो उसे वापस कैसे लाया जा सकता है।


एंड्रॉयड कॉलिंग स्क्रीन बदलाव क्यों हुआ?: यूज़र्स की हैरानी

देश भर में हज़ारों एंड्रॉयड यूज़र्स ने एक जैसी शिकायत की है कि उनके फ़ोन का डायलर ऐप (Phone App) बिना किसी इजाज़त के बदल गया।

  • पहले जहां कॉल हिस्ट्री और फ़ेवरेट कॉन्टैक्ट अलग-अलग दिखाई देते थे, अब वे “होम” नामक टैब में मर्ज हो गए हैं।
  • इनकमिंग कॉल का डिज़ाइन भी नया हो गया है। अब कॉल उठाने और काटने का बटन पहले की तुलना में थोड़ा अलग दिखाई देता है।
  • कॉल हिस्ट्री में अब एक ही नंबर से आए सभी कॉल एक साथ न दिखकर समय के हिसाब से दिखाई देते हैं।

इस अचानक आए बदलाव ने कई यूज़र्स को परेशान कर दिया। ट्विटर (अब X) पर कई लोगों ने पोस्ट करके इसे हैकिंग, जासूसी या सरकारी निगरानी से जोड़ दिया। वहीं कुछ लोगों ने इसे गूगल की ज़बरदस्ती बताकर नाराज़गी भी ज़ाहिर की।


यूज़र्स की प्रतिक्रियाएँ एंड्रॉयड कॉलिंग स्क्रीन बदलाव पर क्या यह हैकिंग है या अपडेट?

सबसे अहम सवाल यही है – क्या सच में यह हैकिंग का मामला है?

टेक एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह हैकिंग नहीं, बल्कि गूगल की तरफ से आया हुआ अपडेट है।

दरअसल, एंड्रॉयड स्मार्टफ़ोन का बेस ऑपरेटिंग सिस्टम (OS) गूगल ही बनाती है। इसके कई ऐप्स, जैसे गूगल फ़ोन ऐप, गूगल मैसेज, गूगल कॉन्टैक्ट्स, जीमेल और यूट्यूब आदि भी गूगल द्वारा ही मैनेज किए जाते हैं।

समय-समय पर गूगल इन ऐप्स का नया वर्ज़न जारी करती रहती है। इसी प्रक्रिया में हाल ही में “Material You 3D Expressive Update” जारी किया गया है, जिसमें एंड्रॉयड फ़ोन ऐप (डायलर) का डिज़ाइन पूरी तरह बदल दिया गया है।

यानी यह बदलाव ऑफिशियल अपडेट है, न कि किसी तरह की हैकिंग।


गूगल का नया “Material 3D Expressive” अपडेट क्या है?

गूगल ने मई 2025 में ऐलान किया था कि वह अपने एंड्रॉयड इंटरफेस में बड़ा बदलाव करने जा रही है। इसका नाम रखा गया Material 3D Expressive

यह अपडेट अब धीरे-धीरे सभी एंड्रॉयड फ़ोनों में रोलआउट किया जा रहा है।

इस अपडेट की खासियतें:

  1. नया कॉलिंग इंटरफेस – अब कॉल रिसीव और रिजेक्ट बटन और भी बड़े और स्पष्ट नज़र आते हैं। इसका मकसद है कि जेब से फ़ोन निकालते समय गलती से कॉल कट या रिसीव न हो।
  2. हिस्ट्री का नया तरीका – कॉल लॉग अब टाइमलाइन के हिसाब से दिखता है, ताकि आपको आसानी से पता चले कि कब किसका कॉल आया था।
  3. होम और कीपैड ऑप्शन – पुराने “Recent” और “Favorites” टैब हटाकर सिर्फ़ दो टैब रखे गए हैं: होम और कीपैड
  4. सुरक्षा और तेज़ी – गूगल का दावा है कि इस अपडेट से ऐप पहले से ज़्यादा स्मूद, सुरक्षित और यूज़र-फ्रेंडली हो जाएगा।

अचानक क्यों हुआ बदलाव?

कई यूज़र्स पूछते हैं – अगर हमने अपडेट इंस्टॉल नहीं किया, तो यह अपने आप कैसे हो गया?

इसका जवाब है – गूगल प्ले स्टोर की ऑटो-अपडेट सेटिंग।

दरअसल, एंड्रॉयड फ़ोन में मौजूद सभी ऐप्स डिफ़ॉल्ट रूप से “Auto Update” पर सेट रहते हैं। यानी जैसे ही किसी ऐप का नया वर्ज़न रिलीज़ होता है, वह अपने आप डाउनलोड और इंस्टॉल हो जाता है।

इस वजह से बहुत से लोगों के फ़ोन में नया गूगल फ़ोन ऐप बिना उनकी जानकारी के अपडेट हो गया।


क्या पुराना इंटरफेस वापस लाया जा सकता है?

जी हाँ। अगर आपको नया डिज़ाइन पसंद नहीं आया है तो आप कुछ आसान स्टेप्स फॉलो करके पुराना स्टाइल वापस ला सकते हैं।

तरीका 1: Auto Update बंद करें

  1. अपने फ़ोन में Google Play Store खोलें।
  2. ऊपर दाईं तरफ़ अपनी प्रोफ़ाइल फ़ोटो पर टैप करें।
  3. Settings → Network Preferences → Auto-Update Apps पर जाएँ।
  4. यहां “Don’t auto-update apps” चुन लें।

इससे आगे से कोई भी ऐप अपने आप अपडेट नहीं होगा।

तरीका 2: अपडेट अनइंस्टॉल करें

  1. अपने फ़ोन की Settings → Apps → Phone App पर जाएँ।
  2. यहां आपको Uninstall Updates का विकल्प मिलेगा।
  3. उस पर क्लिक करते ही फ़ोन ऐप अपने पुराने वर्ज़न में वापस चला जाएगा।

ध्यान दें कि यह तरीका सभी फ़ोन ब्रांड्स में उपलब्ध नहीं होता। कुछ फ़ोन, जैसे सैमसंग या शाओमी में यह विकल्प सीमित हो सकता है।


क्या सिर्फ गूगल फ़ोन ऐप ही बदला है?

जी नहीं। गूगल का यह Material 3D Expressive Update सिर्फ़ कॉलिंग स्क्रीन तक सीमित नहीं है।

इस अपडेट में धीरे-धीरे नोटिफिकेशन पैनल, कलर थीम, गूगल मैसेज, जीमेल और वॉच ऐप्स में भी बदलाव किए जा रहे हैं।

यानी आने वाले समय में आपको अपने फ़ोन का पूरा इंटरफेस पहले से बिल्कुल अलग और नया दिखाई देगा।


आईफ़ोन यूज़र्स को चिंता क्यों नहीं?

यह बदलाव सिर्फ़ एंड्रॉयड फ़ोन तक सीमित है।

Apple का iOS सिस्टम पूरी तरह अलग है और उसके अपडेट गूगल द्वारा नहीं बल्कि सीधे Apple कंपनी द्वारा दिए जाते हैं।

इसलिए iPhone यूज़र्स के कॉलिंग स्क्रीन में कोई बदलाव नहीं हुआ है।


यूज़र्स की प्रतिक्रियाएँ

सोशल मीडिया पर इस बदलाव को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएँ सामने आईं।

  • कुछ लोगों ने कहा कि नया इंटरफेस काफी अच्छा है और इस्तेमाल में आसान लगता है।
  • वहीं, बड़ी संख्या में लोगों ने लिखा कि बिना पूछे किया गया बदलाव परेशान करने वाला है।
  • कुछ लोगों ने इसे “Privacy Threat” करार दिया और आशंका जताई कि कहीं यह निगरानी का नया तरीका तो नहीं।

हालांकि टेक एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह केवल विज़ुअल और डिज़ाइन लेवल का बदलाव है, इससे आपके डेटा, मैसेज या फ़ोटो की सुरक्षा पर कोई असर नहीं पड़ता।


मोबाइल कंपनियों की सफाई

कई लोगों ने अपने फ़ोन ब्रांड्स (जैसे OnePlus, Vivo, Xiaomi) को टैग करके पूछा कि कॉलिंग स्क्रीन क्यों बदली।

इस पर OnePlus कंपनी ने जवाब दिया –
“यह बदलाव हमारी तरफ़ से नहीं किया गया है, बल्कि यह गूगल फ़ोन ऐप का अपडेट है। अगर आपको पुराना इंटरफेस पसंद है तो आप अपडेट को अनइंस्टॉल कर सकते हैं।”

यानी यह साफ़ हो गया कि मोबाइल कंपनियों का इसमें कोई रोल नहीं है।


निष्कर्ष: चिंता की ज़रूरत नहीं

अगर आपके एंड्रॉयड फ़ोन की कॉलिंग स्क्रीन अचानक बदल गई है तो घबराने की ज़रूरत नहीं।

यह कोई हैकिंग नहीं है, बल्कि गूगल का नया अपडेट है।
इसका मकसद इंटरफेस को और आसान और सुरक्षित बनाना है।
अगर आपको पुराना डिज़ाइन पसंद है तो आप ऑटो-अपडेट बंद करके और अपडेट अनइंस्टॉल करके पहले वाला इंटरफेस वापस पा सकते हैं।


अंतिम सुझाव

  1. टेक्नोलॉजी में बदलाव सामान्य है। हर अपडेट का उद्देश्य सुरक्षा और बेहतर अनुभव देना होता है।
  2. सेटिंग्स पर नज़र रखें। अगर आपको बिना बताए ऐप्स अपडेट हो रहे हैं तो ऑटो-अपडेट बंद कर दें।
  3. फेक अफ़वाहों से बचें। कॉल स्क्रीन बदलने का मतलब यह नहीं कि आपका फ़ोन हैक हो गया है।

image source – google & social media

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *