कुशीनगर एयरपोर्ट: अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की उम्मीद, पूर्वांचल और बिहार के यात्रियों के लिए बड़ा अवसर
कुशीनगर एयरपोर्ट अंतरराष्ट्रीय उड़ान के लिए तैयार है। 2021 में उद्घाटन के बाद से एयरपोर्ट को बड़े शहरों के लिए नियमित उड़ानें नहीं मिली थीं, लेकिन डीएम महेंद्र सिंह तंवर की पहल और हाईकोर्ट के आदेश के बाद अब अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की संभावना बढ़ गई है।
विशेषज्ञों के अनुसार, अगर कुशीनगर एयरपोर्ट से अंतरराष्ट्रीय उड़ानें शुरू होती हैं, तो यह पूर्वांचल और बिहार के यात्रियों के लिए मील का पत्थर साबित होगा। नेपाल से सटे होने के कारण हवाई यात्रा की संभावनाएं और बढ़ जाती हैं। इसके अलावा, बुद्ध की महापरिनिर्वाण स्थली होने के कारण चीन, ताइवान, तिब्बत, थाईलैंड और अन्य बौद्ध अनुयायी देशों के लोग भी सीधे इसी एयरपोर्ट का उपयोग कर सकेंगे।
अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट का महत्व
कुशीनगर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट को सरकार की प्रोत्साहन योजना के तहत अधिकतम छूट दी गई थी। हाल ही में हाईकोर्ट ने एयरपोर्ट के विस्तार में रोड़ा बन रहे मकानों और एक दर्जन से अधिक परिवारों को हटाने का आदेश भी दे दिया है। अब एयरपोर्ट की तकनीकी बाधाएं दूर हो गई हैं और यात्रियों को जल्द ही उड़ान का इंतजार है।
प्रदेश में कुल पांच अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट हैं, जिनमें दो पूर्वांचल में स्थित हैं और बाकी तीन अयोध्या, लखनऊ और जेवर में हैं। वाराणसी का बाबतपुर एयरपोर्ट पूर्वांचल का पहला अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट है, जबकि कुशीनगर दूसरा है।
घरेलू उड़ानों में कम सफलता, लेकिन अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की संभावनाएं अधिक
कुशीनगर में आसपास घरेलू एयरपोर्ट होने और यात्रियों की संख्या में कमी के कारण घरेलू उड़ानें अपेक्षित रूप से सफल नहीं हो सकीं, लेकिन अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए यहाँ असीमित संभावनाएं हैं। पूर्वांचल और बिहार के लोग अब भी विदेश जाने के लिए गोरखपुर या लखनऊ के एयरपोर्ट का उपयोग करते हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर अंतरराष्ट्रीय उड़ानें कुशीनगर से शुरू होती हैं, तो यह पूरे क्षेत्र के लिए ट्रैवलिंग और पर्यटन के लिहाज से बड़ा अवसर साबित होगा।
टेक्निकल अपग्रेड और संचालन में सुविधा
एयरपोर्ट का लाइसेंस अब विजिबिलिटी फ्लाइंग रेगुलेशन (VFR) से अपग्रेड होकर इंस्ट्रूमेंट फ्लाइंग रेगुलेशन (IFR) श्रेणी में आ गया है। इसके साथ ही ILS और IFR सिस्टम लगने के बाद विमानन कंपनियों की रुचि और बढ़ेगी।
डीएम महेंद्र सिंह तंवर ने कहा कि एयरपोर्ट की तकनीकी और कानूनी बाधाएं अब दूर कर दी गई हैं और विमानन कंपनियों के लिए मार्ग साफ है। डायरेक्टर प्राणेश कुमार राय ने बताया कि इससे पर्यटन व्यवसाय में वृद्धि होगी और एयरपोर्ट से नियमित अंतरराष्ट्रीय उड़ानें शुरू होने की संभावना मजबूत होगी।
पूर्वांचल और बिहार के लिए लाभ
कुशीनगर एयरपोर्ट के खुलने से न केवल टूरिस्ट और बौद्ध अनुयायी देशों के आगमन में बढ़ोतरी होगी, बल्कि स्थानीय यात्रियों के लिए भी अंतरराष्ट्रीय यात्रा आसान और सस्ता हो जाएगा। नेपाल के पास होने के कारण हवाई मार्ग और भी प्रभावी साबित होगा।
विशेषज्ञों का कहना है कि एयरपोर्ट का पूरा लाभ उठाने के लिए सरकार और एयरपोर्ट अथॉरिटी को मिलकर विमानन कंपनियों को प्रोत्साहित करना होगा, ताकि नियमित अंतरराष्ट्रीय उड़ानें शुरू हो सकें।
पूर्वांचल और बिहार के लिए लाभ
कुशीनगर एयरपोर्ट के खुलने से न केवल टूरिस्ट और बौद्ध अनुयायी देशों के आगमन में वृद्धि होगी, बल्कि स्थानीय यात्रियों के लिए भी अंतरराष्ट्रीय यात्रा आसान और सस्ता हो जाएगा। नेपाल के पास होने के कारण हवाई मार्ग और भी प्रभावी साबित होगा।
पूर्वांचल और बिहार के लोग अक्सर विदेश यात्रा के लिए गोरखपुर या लखनऊ एयरपोर्ट का इस्तेमाल करते हैं। अब कुशीनगर से सीधे अंतरराष्ट्रीय उड़ानें शुरू होने पर उनके समय, पैसे और यात्रा की सुविधाओं में सुधार होगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि एयरपोर्ट का पूरा लाभ उठाने के लिए सरकार और एयरपोर्ट अथॉरिटी को मिलकर विमानन कंपनियों को प्रोत्साहित करना होगा। इसके साथ ही, कुशीनगर एयरपोर्ट के आसपास पर्यटन और हवाई यात्रा के लिए नई योजनाओं को लागू किया जा सकता है।
पर्यटन और व्यवसाय के लिए अवसर
कुशीनगर एयरपोर्ट का अंतरराष्ट्रीयकरण न केवल यात्रियों के लिए सुविधाजनक है, बल्कि यह पूर्वांचल में पर्यटन, व्यवसाय और रोजगार के लिए नई राह खोलेगा। बुद्ध की महापरिनिर्वाण स्थली के कारण चीन, तिब्बत, थाईलैंड और अन्य बौद्ध अनुयायी देशों के लोग सीधे कुशीनगर आएंगे। इससे होटल, परिवहन और पर्यटन व्यवसाय में भी वृद्धि होगी।
इस प्रकार, कुशीनगर एयरपोर्ट अब पूर्वांचल और बिहार के लिए नई उड़ानों, बेहतर पर्यटन और अंतरराष्ट्रीय संपर्क का केंद्र बनने जा रहा है।
