कर्नाटक के कांग्रेस विधायक केसी वीरेंद्र कुमार उर्फ ‘पप्पी’ ED की गिरफ्त में, ऑनलाइन और ऑफलाइन सट्टेबाजी मामले में जांच तेज़
केसी वीरेंद्र कुमार गिरफ्तारी के बाद कर्नाटक की राजनीति में हलचल मची हुई है। कांग्रेस विधायक के खिलाफ ईडी ने ऑनलाइन और ऑफलाइन सट्टेबाजी और धन शोधन मामले में छापेमारी की और बड़ी राशि जब्त की। कर्नाटक के चित्रदुर्ग से कांग्रेस के विधायक केसी वीरेंद्र कुमार, जिन्हें उनके समर्थक ‘पप्पी’ के नाम से जानते हैं, को कथित अवैध ऑनलाइन और ऑफलाइन सट्टेबाजी के आरोप में सिक्किम से गिरफ्तार किया गया है। यह गिरफ्तारी धन शोधन निरोधक कानून (PMLA) के तहत की गई और इसे ईडी (Enforcement Directorate) द्वारा अंजाम दिया गया।
ईडी की कार्रवाई और छापेमारी
एजेंसी ने बताया कि शुक्रवार को विभिन्न राज्यों में छापेमारी के दौरान करीब 12 करोड़ रुपये नकद, जिसमें विदेशी मुद्रा भी शामिल थी, जब्त की गई। इसके अलावा 6 करोड़ रुपये के सोने के आभूषण, लगभग 10 किलोग्राम चांदी और चार वाहन भी ईडी के हाथ लगे।
ईडी ने बताया कि 50 वर्षीय विधायक गंगटोक में मजिस्ट्रेट के सामने पेश किए गए और बाद में उन्हें बंगलूरू कोर्ट में पेश करने के लिए ट्रांजिट रिमांड लिया गया। मामले की जांच बंगलूरू जोन द्वारा की जा रही है।
जांच में यह खुलासा हुआ कि विधायक गंगटोक में कसीनो लीज लेने के लिए व्यावसायिक यात्रा पर गए थे। इसके अलावा उनके भाई केसी नागराज और बेटे पृथ्वी एन राज के ठिकानों से भी संपत्ति संबंधित दस्तावेज जब्त किए गए। ईडी ने यह भी कहा कि उनके अन्य सहयोगी, जैसे उनके भाई केसी थिप्पेस्वामी, दुबई से ऑनलाइन गेमिंग ऑपरेशन चला रहे थे।
ऑनलाइन सट्टेबाजी नेटवर्क का खुलासा
ईडी ने बताया कि इस मामले में अब तक कुल 30 परिसरों पर छापेमारी की गई है। इसमें बंगलूरू, चित्रदुर्ग, जोधपुर, हुबली, मुंबई और गोवा शामिल हैं। इस कार्रवाई में यह खुलासा हुआ कि आरोपी King567, Raja567, Puppy’s003 और Ratna Gaming नाम की कई ऑनलाइन सट्टेबाजी साइट्स चला रहे थे।
जांच के दौरान यह पता चला कि ये प्लेटफॉर्म न केवल ऑनलाइन गेमिंग के रूप में काम कर रहे थे, बल्कि उनके जरिए बड़े पैमाने पर धन शोधन और अवैध लेनदेन भी किए जा रहे थे। ईडी का मानना है कि इस नेटवर्क के माध्यम से बड़ी मात्रा में काले धन का प्रवाह किया गया।
सट्टेबाजी और धन शोधन का मामला
विधायक के खिलाफ मामला धन शोधन और सट्टेबाजी से जुड़ा है। यह आरोप है कि उन्होंने ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह की सट्टेबाजी में लिप्त होकर बड़े पैमाने पर अवैध धन कमाया।
ईडी ने बताया कि जांच में यह भी सामने आया कि विधायक और उनके सहयोगी सट्टेबाजी साइट्स को भारत और विदेश दोनों से संचालित कर रहे थे। इसके जरिए आने वाला पैसा सीधे उनके परिवार और सहयोगियों के खातों में जमा होता था।
इस मामले में ईडी ने कहा कि आगे की जांच में संपत्ति की असली मालिकाना हक़ और पैसों का स्रोत भी उजागर किया जाएगा।
राजनीतिक और सामाजिक असर
केसी वीरेंद्र कुमार की गिरफ्तारी से कर्नाटक की राजनीति में हलचल मची हुई है। कांग्रेस पार्टी ने फिलहाल इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है, लेकिन राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि यह मामला राजनीतिक और कानूनी दोनों दृष्टि से गंभीर है।
साथ ही, इस तरह के मामले समाज में सट्टेबाजी और अवैध धन संचरण के खिलाफ लोगों को चेतावनी भी देते हैं। ऑनलाइन सट्टेबाजी के बढ़ते प्रभाव और धन शोधन के बढ़ते मामलों को देखते हुए ईडी जैसी एजेंसियों की सख्त कार्रवाई जरूरी मानी जाती है।
आगे की कार्रवाई
ईडी ने कहा है कि जांच जारी है और विधायक को बंगलूरू कोर्ट में पेश करने के बाद और रिमांड के दौरान पूछताछ की जाएगी। इस मामले में जुड़े अन्य सहयोगियों और परिवार के सदस्यों से भी पूरी जानकारी हासिल की जाएगी।
इसके अलावा, एजेंसी यह भी पता लगा रही है कि ऑनलाइन सट्टेबाजी के जरिये कितनी राशि भारत और विदेशों से लाई गई और इसके जरिए कौन-कौन लाभान्वित हुआ।
निष्कर्ष
केसी वीरेंद्र कुमार की गिरफ्तारी और उनके खिलाफ ऑनलाइन व ऑफलाइन सट्टेबाजी का मामला यह दर्शाता है कि अवैध वित्तीय लेन-देन और धन शोधन के खिलाफ एजेंसियां लगातार कार्रवाई कर रही हैं। आने वाले दिनों में इस मामले से जुड़े और तथ्य सार्वजनिक किए जाएंगे, और इससे कर्नाटक की राजनीति और ऑनलाइन गेमिंग इंडस्ट्री दोनों पर असर पड़ सकता है।

